Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² कà¥à¤¯à¤¾ है?
अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल कॉरà¥à¤¡ यानि गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर का ही à¤à¤• à¤à¤¾à¤— होता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से जà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† होता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देने का कारà¥à¤¯ करता है. गरà¥à¤ में शिशॠइसी नाल के माधà¥à¤¯à¤® से माठसे जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ रहता है.
जैसे ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के अंदर गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² विकसित होती है यह à¤à¥à¤°à¥‚ण को माठके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से जोड़ देती है. गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का à¤à¤• सिरा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से तो दूसरा सिरा शिशॠकी नाà¤à¤¿ से जà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† होता है. डिलीवरी हो जाने के बाद गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को महिला के शरीर से निकाल दिया जाता है.
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के कारà¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² ही उसकी लाइफ़लाइन होती है जो बचà¥à¤šà¥‡ को सारे जरूरी पोषक ततà¥à¤µ और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाती है.
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤², गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के à¤à¥à¤°à¥‚ण को ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ पहà¥à¤‚चाने का कारà¥à¤¯ करती है.
यह à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठसही तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है और आंतरिक संकà¥à¤°à¤®à¤£ से à¤à¥à¤°à¥‚ण की रकà¥à¤·à¤¾ करती है.
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤², गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤¸à¥‡ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती है जो à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास को आगे बढ़ाने में सहायता करते हैं.
यह हर तरह के ख़तरे से à¤à¥à¤°à¥‚ण की रकà¥à¤·à¤¾ करती है और à¤à¥à¤°à¥‚ण के रकà¥à¤¤ से अपशिषà¥à¤Ÿ और विषैले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को हटाती है इस तरह गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठफ़िलà¥à¤Ÿà¤° का à¤à¥€ काम करती है.
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² की मदद से ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œà¤¨ बनता है जिससे माठके शरीर में दूध बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होती है.
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² ही माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• दूसरे से जोड़े रखती है. जो कà¥à¤› à¤à¥€ माठखाती है वो आहार गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही बचà¥à¤šà¥‡ तक पहà¥à¤‚च पाता है.
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के कà¥à¤› ही दिन बाद यह गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² खà¥à¤¦ ही सूखकर गिर जाती है.
| --------------------------- | --------------------------- |